Raja Ramanna Centre for Advanced Technology (RRCAT) details Educational and Qualification in Hindi Nest exam


राजा रामन्‍ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र त्वरक, लेसर तथा संबंधित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी , इंदौर शहर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है |  मुंबई-आगरा मार्ग पर स्थित राजेन्द्र नगर से यह करीबन दो किलोमीटर दूर रिंग रोड पर है |  राजेन्द्र नगर में एक उपनगरीय रेल्वे स्टेशन भी है,  यह मीटरगेज लाईन पर स्थित है |राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र यानी (RRCAT ) परमाणु ऊर्जा विभाग की एक इकाई है, जो लेसर, कण त्वरकों एवं संबंधित प्रौद्योगिकी के गैर-नाभिकीय अग्रणी क्षेत्रों के अनुसंधान एवं विकास कार्यों से जुड़ा है | देश  को आत्मनिर्भर एवं मजबूत बनाने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की जनक  संस्थापक डॉ. होमी जे. भाभा की सूक्ष्म दृष्टि में परमाणु ऊर्जा विभाग का दृढ विश्वास रहा है | इसलिये प.ऊ.वि. ने हमेशा उच्च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान व विकास कार्य को प्रोत्साहित किया है |  इस दिशा में एक प्रमुख कदम तब उठाया गया, जब परमाणु ऊर्जा विभाग ने भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र, मुंबई में विज्ञान एवं प्रौद्योगिक के दो प्रमुख क्षेत्रों त्वरक एवं लेसर के क्षेत्र में किये जा रहे  अनुसंधान व विकास गतिविधियों को विस्तृत रुप देने के उद्देश्य से इंदौर में एक नए अनुसंधान केन्द्र-राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र की स्थापना की |

डॉ. राजा रामन्‍ना की अध्यक्षता में गठित एक स्थानीय चयन समिति ने सुखनिवास झील एवं इसके सभी सुरम्य क्षेत्र को इस नये केन्द्र के लिये चुना । इस स्थान को तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने 7 फरवरी, 1984 को अनुमोदन किया । केन्द्र की प्रयोगशाला व निवास स्थानों के निर्माण कार्य का उदघाटन तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैलसिंह ने 10 फरवरी, 1984 को किया । इस केन्द्र में जून 1986 में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र, मुंबई से वैज्ञानिकों के प्रथम दल का आगमन हुआ । तबसे यह केन्द्र लेसर, त्वरक व उनके अनुप्रयोगों से संबंधित अनुसंधान व विकास कार्यो के एक प्रमुख केन्द्र के रुप में तेजी से उभर रहा है |

श्री देवाशीष दास, विशिष्ट वैज्ञानिक एवं निदेशक,  ( RRCAT ) श्री देवाशीष दास मैसूर विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक हैं और 1983 में भापअके प्रशिक्षण विद्यालय के 26 वें बैच द्वारा भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में नियुक्त हुए। वह इलेक्ट्रॉनिक्स शाखा में भापअके प्रशिक्षण विद्यालय के होमी भाभा पुरस्कार से सम्मानित हैं  RRCAT केन्द्र में इस समय 572 वैज्ञानिकों व इंजिनियरों को मिलाकर कुल 1300 कर्मचारी हैं। इंदौर से बाहर लगभग 760 हेक्‍टेयर के सुरम्य क्षेत्र में फेले हुए आरआरकेट परिसर में


प्रयोगशालाएं, कर्मचारियों के लिए निवास व मूलभूत सुविधाएं जैसे विद्यालय, खेलकूद, शॉपिंग सम्मिश्र, उद्यान इत्यादि शामिल हैं । होल्‍कर शासकों की राजधानी, इन्‍दौर, मध्‍य भारत का एक महत्‍वपूर्ण औद्योगिक शहर है इसे ‘छोटा मुंबई’ के नाम से जाना जाता है। इस शहर में होल्‍कर घराने से संबंधित कई बड़े मंदिरों के अलावा कई एतिहासिक स्‍मारक हैं। इन स्‍मारकों में से कई की वास्‍तुकला विभिन्‍न शैलियों का एक मिश्रण है। इन्‍दौर मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लगभग 200 किमी दूर है।

कैसे पहुंचे RRCAT

वायु मार्ग द्वारा

निकटतम एयरपोर्ट : इन्‍दौर
आरआरकेट से दूरी : 15 किमी.
ऑटो/टैक्‍सी किराया : रूपए 225/- (अनुमानित)

रेलमार्ग द्वारा

निकटतम रेलवे स्‍टेशन : इन्‍दौर
आरआरकेट से दूरी : 12 किमी.
ऑटो/टैक्‍सी किराया : रूपए 180/- (अनुमानित)

सड़क मार्ग द्वारा

सड़क द्वारा - भोपाल (म.प्र. की राजधानी) से 200 किमी.
बस किराया : रू. 150/- (अनुमानित)
टैक्‍सी किराया : रू. 250 – 300/- (अनुमानित)

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